असीमित रोज़गार के अवसर उत्पन्न करता कोरोना काल
वैश्विक महामारी के बीच पूरा विश्व बेराजगारी से जूझ रहा है, वहीँ इस महामारी ने
वास्तविक और भविष्य में होने वाले स्व-रोज़गार के अवसर भी उत्पन्न किए हैं |
जहाँ भारत जैसे बड़े देश में आन लाइन व्यापार को लेकर दुविधा थी, लेकिन महामारी ने सभी व्यवसायों को एक ऐसे रास्ते पर
ला दिया है की सभी व्यवसायों को किसी ना किसी तरह आन लाइन सेवाओं से जोड़ना पड़ रहा है |
इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण व्यवसाय को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना और
उनके लिए उपलब्ध सेवाओं और उत्पादों की जानकारी को आन लाइन सेवाओ की माध्यम से
इच्छुक उपभोक्ताओं तक पहुँचाना है |
परन्तु हमे तो गुलामी की आदत सी पड़ चुकी है, मन में आत्मविश्वास मानो कुपोषित हो चूका है,
आलस ने ऐसा घर बना लिया है की हम किसी भी स्थिति में कोई बड़ा कदम
उठाकर खुद के व्यवसाय की कल्पना से भी डरते हैं और इसी का फायदा उठाते हुए बहुत सी
कम्पनिया हमारे बुजदिली को ऐसा अवसर दे रही है की हम उसको रोज़गार समझ उसमें अपने
समस्त जीवन को झोंक देते हैं और अंत तक हमे मिलता कुछ भी नहीं, हम सिर्फ दैनिक जीवन की आपूर्ति मात्र करते रह जाते है |
इस महामारी के दौर ने जहाँ करोड़ो लोगो के रोजगार को छिना वही यह भी
आभास करा दिया की हमें अब किस रास्ते के माध्यम से स्व-रोजगार को बढ़ावा देना है | यधपि अभी बहुत से लोग यह ज्ञात नहीं कर पर रहे की
किस प्रकार के व्यवसाय के माध्यम से वो अपनी रोजमर्रा के जीवन को पटरी पर ला
सकते है | यह एक बहुत बड़ा प्रश्न सभी लोगों के मस्तिष्क में
घर किये है और वह इस बिंदु पर सोचते हुए बचा समय भी व्यर्थ करते जा रहे हैं |
बैंक से एक छोटी राशी का ऋण लेकर भी (जोकि बहुत आसानी से
उपलब्ध है) आप एक अच्छी शुरुवात कर सकते हैं |
सभी शहरों में प्रमुख बैंकों द्वारा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान गठित
किये गए हैं जहाँ पर विभिन्न रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण नि:शुल्क दिए जाते है, साथ ही
कुछ केन्द्रों पर प्रशिक्षण अवधि तक ठहरने तथा भोजन का भी प्रबन्ध रहता है |
यह प्रशिक्षण कृषि सम्बंधित, उत्पादन सम्बंधित एवम् सेवा सम्बंधित होते है जिनके माध्यम से प्रशिक्षण
में ऋण लेने की प्रक्रिया भी बताई जाती है | साथ ही बाज़ार का आंकलन करना और
उसके बाद व्यापार को निष्पादित करना उचित होता है |
नीचे दिए गए लिंक के माध्यम
से आप इसकी विस्तृत जानकारी ले सकते हैं |
इसके अलावा आप बहुत सी ऑनलाइन सेवाएं मोबाइल एप्पलीकेशन या कंप्यूटर सॉफ्टवेर के
द्वारा प्रदान कर सकते हैं जो सुगम है और सर्वाधिक प्रचलन में भी है |
भारत एक ऐसा देश है जहाँ विभिन्न सम्प्रदाय, जाति और धर्म के लोग रहते हैं और अति जनसंख्या
स्व-रोज़गार के लिए एक बहुत ही अच्छा विकल्प भी है |
अब आपको सिर्फ अपने ज्ञान, हुनर और अनुभव के माध्यम से ये निर्धारित करना है की कैसे हम इस आपदा के समय किसी
लघु उद्योग या सेवा क्षेत्र में व्यवसाय को जल्द शुरू कर अपनी आर्थिक और सामाजिक
स्तिथि को मजबूत कर लें |
और यह बिलकुल सम्भव है, बस जरुरत है तो सिर्फ एक दृढ़ निश्चय की फिर सफलता आपके चहरे से
मुस्कुरायेगी |

Completely Agree!
ReplyDeleteThank you
DeleteNice blog👌
ReplyDeleteThank you.
DeleteRight
ReplyDeleteThank you
DeleteTruth _गुलामी की जैसे आदत सी पड़ गयी , अपने पर विश्वास तो रहा ही नही किसी भी व्यक्ति की वो भी अपने बल पे कुछ कर सकता है #thanks for this post , really really Great
ReplyDeleteNice post
ReplyDelete👏👏👏👏👏👏
ReplyDeleteशानदार ज़बरदस्त ज़िंदाबाद